तफ़सीर अल-मुख़्तसर
إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَـٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَـٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا ﴿٥٦﴾
निःसंदेह अल्लाह अपने फरिश्तों के निकट रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की प्रशंसा करता है और फ़रिश्ते उनके लिए दुआ करते हैं। ऐ अल्लाह पर ईमान रखने और उसकी अपने बंदों के लिए निर्धारित की हुई शरीयत पर अमल करने वालो! तुम (भी) रसूल पर दुरूद और खूब सलाम भेजो।