तफ़सीर अल-मुख़्तसर
مَّا كَانَ مُحَمَّدٌ أَبَآ أَحَدٍ مِّن رِّجَالِكُمْ وَلَـٰكِن رَّسُولَ ٱللَّهِ وَخَاتَمَ ٱلنَّبِيِّـۧنَ ۗ وَكَانَ ٱللَّهُ بِكُلِّ شَىْءٍ عَلِيمًا ﴿٤٠﴾
मुहम्मद तुम्हारे पुरुषों में से किसी के पिता नहीं हैं। अतः वह ज़ैद के भी पिता नहीं हैं कि उनपर ज़ैद की तलाक़ दी हुई पत्नी से विवाह करना हराम (वर्जित) हो। बल्कि वह लोगों की ओर अल्लाह के भेजे हुए रसूल हैं और नबियों की श्रृंखला को समाप्त करने वाले हैं।इसलिए उनके बाद कोई और नबी नहीं है। और अल्लाह हर चीज़ का पूर्ण ज्ञान रखने वाला है, उसके बंदों की कोई चीज़ उससे छिपी नहीं है।