तफ़सीर अल-मुख़्तसर
كَذَٰلِكَ يَطْبَعُ ٱللَّهُ عَلَىٰ قُلُوبِ ٱلَّذِينَ لَا يَعْلَمُونَ ﴿٥٩﴾
जिस तरह इन लोगों के दिलों पर मुहर लगा दिया है, जिनके पास यदि आप कोई निशानी लाएँ, तो वे उसपर विश्वास नहीं करते हैं, उसी तरह अल्लाह उन सभी लोगों के दिलों पर मुहर लगा देता है, जो यह नहीं जानते कि आप जो कुछ लेकर आए हैं, वह सत्य है।