×

الروم

आयत 53

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

وَمَآ أَنتَ بِهَـٰدِ ٱلْعُمْىِ عَن ضَلَـٰلَتِهِمْ ۖ إِن تُسْمِعُ إِلَّا مَن يُؤْمِنُ بِـَٔايَـٰتِنَا فَهُم مُّسْلِمُونَ ﴿٥٣﴾

आप सीधे रास्ते से भटके हुए को सत्य के मार्ग पर चलने की तौफ़ीक़ (सामर्थ्य) नहीं दे सकते। आप लाभ उठाए जाने के तौर पर केवल उसी को सुना सकते हैं, जो हमारी आयतों पर ईमान रखता है; क्योंकि वही आपकी बातों से लाभान्वित होता है। तो वही हमारे आदेश का पालन करने वाले और उसके अधीन हैं।