तफ़सीर अल-मुख़्तसर
يُخْرِجُ ٱلْحَىَّ مِنَ ٱلْمَيِّتِ وَيُخْرِجُ ٱلْمَيِّتَ مِنَ ٱلْحَىِّ وَيُحْىِ ٱلْأَرْضَ بَعْدَ مَوْتِهَا ۚ وَكَذَٰلِكَ تُخْرَجُونَ ﴿١٩﴾
वह जीवित को मृत से निकालता है, जैसे इनसान को नुत्फ़ा (शुक्राणु) से निकालता है और चूज़े को अंडे से निकालता है। और मृत को जीवित से निकालता है, जैसे नुत्फ़ा (शुक्राणु) को इनसान से और अंडे को मुर्गी से निकालता है। और धरती को उसके सूखने के बाद बारिश उतारकर और उसे अंकुरित करके पुनर्जीवित करता है। तथा धरती को उसे अंकुरित करके पुनर्जीवित करने की तरह, तुम अपनी क़ब्रों से हिसाब और बदले के लिए निकाले जाओगे।