तफ़सीर अल-मुख़्तसर
قُلْ يَـٰٓأَهْلَ ٱلْكِتَـٰبِ لِمَ تَصُدُّونَ عَن سَبِيلِ ٱللَّهِ مَنْ ءَامَنَ تَبْغُونَهَا عِوَجًا وَأَنتُمْ شُهَدَآءُ ۗ وَمَا ٱللَّهُ بِغَـٰفِلٍ عَمَّا تَعْمَلُونَ ﴿٩٩﴾
(ऐ नबी!) आप कह दीजिए : ऐ किताब वाले यहूदियो और ईसाइयो! तुम उन लोगों को अल्लाह के धर्म से क्यों रोकते हो जो उसपर ईमान लाए हैंॽ! तुम चाहते हो कि अल्लाह का धर्म सत्य से असत्य की ओर और ईमान वाले मार्गदर्शन से पथभ्रष्टता की ओर मुड़ जाएँ। हालाँकि तुम इस बात के साक्षी हो कि यही धर्म ही सत्य है, उस चीज़ की पुष्टि करने वाला है जो तुम्हारी पुस्तकों में हैॽ! और अल्लाह उससे अनभिज्ञ नहीं है जो तुम उसके साथ कुफ़्र करते हो और उसके मार्ग से लोगों को रोकते हो, और वह तुम्हें इसका बदला देगा।