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آل عمران

आयत 94

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

فَمَنِ ٱفْتَرَىٰ عَلَى ٱللَّهِ ٱلْكَذِبَ مِنۢ بَعْدِ ذَٰلِكَ فَأُو۟لَـٰٓئِكَ هُمُ ٱلظَّـٰلِمُونَ ﴿٩٤﴾

फिर जो व्यक्ति इस प्रमाण के प्रकट हो जाने के बाद भी अल्लाह पर झूठा आरोप लगाए; कि याक़ूब अलैहिस्सलाम ने जो कुछ हराम ठहराया था, वह अल्लाह के हराम किए हुए बिना उन्हों ने खुद ही अपने ऊपर हराम कर लिया था, तो ऐसे ही लोग प्रमाण प्रकट हो जाने के बाद भी सत्य को छोड़कर अपने ऊपर अत्याचार करने वाले हैं।