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آل عمران

आयत 162

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

أَفَمَنِ ٱتَّبَعَ رِضْوَٰنَ ٱللَّهِ كَمَنۢ بَآءَ بِسَخَطٍ مِّنَ ٱللَّهِ وَمَأْوَىٰهُ جَهَنَّمُ ۚ وَبِئْسَ ٱلْمَصِيرُ ﴿١٦٢﴾

जो व्यक्ति अल्लाह की प्रसन्नता प्राप्त करने वाली चीज़ों यानी ईमान और अच्छे कर्म का पालन करे, वह अल्लाह के निकट उस व्यक्ति के समान नहीं है, जिसने अल्लाह का इनकार किया और बुरे कार्य किए। जिसके कारण वह अल्लाह का सख्त क्रोध लेकर लौटा और उसका ठिकाना जहन्नम है। और यह बहुत बुरा ठिकाना है।