तफ़सीर अल-मुख़्तसर
إِن يَنصُرْكُمُ ٱللَّهُ فَلَا غَالِبَ لَكُمْ ۖ وَإِن يَخْذُلْكُمْ فَمَن ذَا ٱلَّذِى يَنصُرُكُم مِّنۢ بَعْدِهِۦ ۗ وَعَلَى ٱللَّهِ فَلْيَتَوَكَّلِ ٱلْمُؤْمِنُونَ ﴿١٦٠﴾
यदि अल्लाह अपनी सहायता और सहयोग से तुम्हारा समर्थन करे, तो कोई तुम्हें पराजित नहीं कर सकता, भले ही पृथ्वी के लोग तुम्हारे विरुद्ध इकट्ठे हो जाएँ। और यदि वह तुम्हारी सहायता छोड़ दे और तुम्हें स्वयं तुम्हारे हवाले कर दे, तो फिर उसके बाद कोई भी तुम्हारी सहायता नहीं कर सकता। अतः विजय केवल उसी (अल्लाह) के हाथ में है, और ईमान वालों को केवल अल्लाह ही पर भरोसा करना चाहिए, किसी और पर नहीं।