तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَلَئِن قُتِلْتُمْ فِى سَبِيلِ ٱللَّهِ أَوْ مُتُّمْ لَمَغْفِرَةٌ مِّنَ ٱللَّهِ وَرَحْمَةٌ خَيْرٌ مِّمَّا يَجْمَعُونَ ﴿١٥٧﴾
और यदि (ऐ ईमान वालो) तुम अल्लाह के रास्ते में मार दिए जाओ या मर जाओ, तो अल्लाह अवश्य तुम्हें महान क्षमा प्रदान करेगा और अपनी ओर से तुमपर ऐसी दया करेगा, जो तुम्हारे लिए इस दुनिया से तथा इसमें दुनिया वाले जो कुछ उसकी नश्वर नेमतें इकट्ठा कर रहे हैं, उससे कहीं बेहतर है।