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العنكبوت

आयत 8

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

وَوَصَّيْنَا ٱلْإِنسَـٰنَ بِوَٰلِدَيْهِ حُسْنًا ۖ وَإِن جَـٰهَدَاكَ لِتُشْرِكَ بِى مَا لَيْسَ لَكَ بِهِۦ عِلْمٌ فَلَا تُطِعْهُمَآ ۚ إِلَىَّ مَرْجِعُكُمْ فَأُنَبِّئُكُم بِمَا كُنتُمْ تَعْمَلُونَ ﴿٨﴾

और हमने मनुष्य को आदेश दिया है कि अपने माता-पिता के साथ अच्छा व्यवहार और भलाई करे। और यदि (ऐ मनुष्य!) तेरे माता-पिता तुझपर दबाव डालें कि तू उस चीज़ को मेरा साझी बनाए, जिसको साझी बनाने का तुझे कोई ज्ञान नहीं (जैसा कि सअद बिन अबी वक़्क़ास रज़ियल्लाहु अन्हु की माँ ने उनके साथ किया था), तो उसमें उनकी बात मत मान। क्योंकि सृष्टिकर्ता की अवज्ञा में किसी भी प्राणी की आज्ञाकारिता नहीं है। क़ियामत के दिन तुम्हारी वापसी केवल मेरी ओर है, फिर मैं तुम्हें बताऊँगा कि तुम दुनिया में क्या करते थे और मैं तुम्हें उसका बदला दूँगा।