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العنكبوت

आयत 6

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

وَمَن جَـٰهَدَ فَإِنَّمَا يُجَـٰهِدُ لِنَفْسِهِۦٓ ۚ إِنَّ ٱللَّهَ لَغَنِىٌّ عَنِ ٱلْعَـٰلَمِينَ ﴿٦﴾

जिस व्यक्ति ने स्वयं को आज्ञाकारिता पर उभार कर और अवज्ञा से दूर रहकर अपने आपसे संघर्ष किया और अल्लाह के मार्ग में जिहाद किया, तो वह अपने ही लिए जिहाद (संघर्ष) करता है; क्योंकि उसका लाभ उसी को मिलने वाला है। और अल्लाह सभी प्राणियों से बेनियाज़ है। अतः उनकी आज्ञाकारिता उसे बढ़ाती नहीं है और न ही उनकी अवज्ञा उसे कम करती है।