तफ़सीर अल-मुख़्तसर
كُلُّ نَفْسٍ ذَآئِقَةُ ٱلْمَوْتِ ۖ ثُمَّ إِلَيْنَا تُرْجَعُونَ ﴿٥٧﴾
मृत्यु का डर तुम्हें हिजरत से न रोके। क्योंकि हर प्राणी मृत्यु का स्वाद चखने वाला है। फिर तुम्हें क़ियामत के दिन हिसाब और बदले के लिए हमारे ही पास लौटकर आना है।
तफ़सीर अल-मुख़्तसर
كُلُّ نَفْسٍ ذَآئِقَةُ ٱلْمَوْتِ ۖ ثُمَّ إِلَيْنَا تُرْجَعُونَ ﴿٥٧﴾