×

العنكبوت

आयत 28

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

وَلُوطًا إِذْ قَالَ لِقَوْمِهِۦٓ إِنَّكُمْ لَتَأْتُونَ ٱلْفَـٰحِشَةَ مَا سَبَقَكُم بِهَا مِنْ أَحَدٍ مِّنَ ٱلْعَـٰلَمِينَ ﴿٢٨﴾

और (ऐ रसूल!) लूत को याद करें, जिस समय उन्होंने अपने समुदाय से कहा : निश्चय तुम ऐसा घृणित पाप करते हो, जो तुमसे पहले दुनिया वालों में से किसी ने भी नहीं किया। अतः तुम इस कुकर्म का आविष्कार करने वाले पहले लोग हो, जिससे विशुद्ध प्रकृति घृणा करती है।