तफ़सीर अल-मुख़्तसर
قُلْ أَرَءَيْتُمْ إِن جَعَلَ ٱللَّهُ عَلَيْكُمُ ٱلَّيْلَ سَرْمَدًا إِلَىٰ يَوْمِ ٱلْقِيَـٰمَةِ مَنْ إِلَـٰهٌ غَيْرُ ٱللَّهِ يَأْتِيكُم بِضِيَآءٍ ۖ أَفَلَا تَسْمَعُونَ ﴿٧١﴾
(ऐ रसूल!) आप इन मुश्रिकों से कह दें : मुझे बताओ कि यदि अल्लाह तुमपर हमेशा क़ियामत के दिन तक लगातार रात ही रात कर दे, तो अल्लाह के सिवा कौन पूज्य है, जो तुम्हारे पास दिन के उजाले के समान कोई प्रकाश ले आए?! क्या तुम इन तर्कों को नहीं सुनते तथा नहीं जानते कि अल्लाह के अलावा कोई पूज्य नहीं, जो तुम्हारे पास इसे ला सके?!