तफ़सीर अल-मुख़्तसर
فَأَمَّا مَن تَابَ وَءَامَنَ وَعَمِلَ صَـٰلِحًا فَعَسَىٰٓ أَن يَكُونَ مِنَ ٱلْمُفْلِحِينَ ﴿٦٧﴾
परंतु इन मुश्रिकों में से जिसने अपने कुफ़्र से तौबा कर ली और अल्लाह तथा उसके रसूलों पर ईमान ले आया और अच्छा कर्म किया; तो आशा है की वह अपनी मुराद को पाने वालों और भय से मुक्ति प्राप्त करने वालों में से होगा।