तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَيَوْمَ يُنَادِيهِمْ فَيَقُولُ أَيْنَ شُرَكَآءِىَ ٱلَّذِينَ كُنتُمْ تَزْعُمُونَ ﴿٦٢﴾
और जिस दिन उनका पवित्र एवं सर्वोच्च रब उन्हें पुकारकर कहेगा : मेरे वे साझीदार कहाँ हैं, जिनकी तुम मेरे अलावा पूजा करते थे और दावा करते थे कि वे मेरे साझी हैं?