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القصص

आयत 29

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

فَلَمَّا قَضَىٰ مُوسَى ٱلْأَجَلَ وَسَارَ بِأَهْلِهِۦٓ ءَانَسَ مِن جَانِبِ ٱلطُّورِ نَارًا قَالَ لِأَهْلِهِ ٱمْكُثُوٓا۟ إِنِّىٓ ءَانَسْتُ نَارًا لَّعَلِّىٓ ءَاتِيكُم مِّنْهَا بِخَبَرٍ أَوْ جَذْوَةٍ مِّنَ ٱلنَّارِ لَعَلَّكُمْ تَصْطَلُونَ ﴿٢٩﴾

जब मूसा अलैहिस्सलाम अधिकतम अवधि अर्थात् दस वर्ष पूरा करके अपने परिवार को लेकर मदयन से मिस्र की ओर चल पड़े, तो उन्हें तूर पर्वत की दिशा में एक आग दिखाई दी। उन्होंने अपने परिवार से कहा : यहाँ ठहरो, मुझे एक आग दिखाई दी है। शायद मैं वहाँ से तुम्हारे लिए कोई सूचना लाऊँ, अथवा आग का कोई अंगारा ले आऊँ, जिससे तुम आग जलाओ; ताकि तुम ठंड से गर्म हो सको।