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القصص

आयत 26

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

قَالَتْ إِحْدَىٰهُمَا يَـٰٓأَبَتِ ٱسْتَـْٔجِرْهُ ۖ إِنَّ خَيْرَ مَنِ ٱسْتَـْٔجَرْتَ ٱلْقَوِىُّ ٱلْأَمِينُ ﴿٢٦﴾

उनकी एक बेटी ने कहा : ऐ पिता जी! आप इन्हें हमारी बकरियाँ चराने के लिए मज़दूरी पर रख लें। क्योंकि वह बलवान और अमानतदार होने के कारण मज़दूरी पर रखे जाने के योग्य हैं। वह बल द्वारा अपनी ज़िम्मेदारियाँ अदा करेंगे और अमानतदारी के कारण उस अमानत का संरक्षण करेंगे जो उन्हें सौंपी जाएगी।