तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَمَن جَآءَ بِٱلسَّيِّئَةِ فَكُبَّتْ وُجُوهُهُمْ فِى ٱلنَّارِ هَلْ تُجْزَوْنَ إِلَّا مَا كُنتُمْ تَعْمَلُونَ ﴿٩٠﴾
परंतु जो कुफ़्र और पाप के साथ आएगा, तो उनके लिए नरक है जिसमें उन्हें उनके चेहरों के बल डाला जाएगा, तथा उनसे उन्हें डाँटते और अपमानित करते हुए कहा जाएगा : क्या तुम्हें उसके सिवा किसी और चीज़ का बदला दिया जाएगा, जो तुम दुनिया में कुफ़्र और पाप किया करते थे?