तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَلُوطًا إِذْ قَالَ لِقَوْمِهِۦٓ أَتَأْتُونَ ٱلْفَـٰحِشَةَ وَأَنتُمْ تُبْصِرُونَ ﴿٥٤﴾
और (ऐ रसूल!) लूत अलैहिस्सलाम को याद करें, जब उन्होंने अपनी जाति से, उन्हें फटकार लगाते तथा उनकी निंदा करते हुए कहा : क्या तुम अपने क्लबों में खुले तौर पर घिनौना काम - लिवात - करते हो, जबकि तुम एक-दूसरे को देखते हो?!