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النمل

आयत 51

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

فَٱنظُرْ كَيْفَ كَانَ عَـٰقِبَةُ مَكْرِهِمْ أَنَّا دَمَّرْنَـٰهُمْ وَقَوْمَهُمْ أَجْمَعِينَ ﴿٥١﴾

तो (ऐ रसूल!) आप ग़ौर कीजिए कि उनकी साज़िश और चाल का परिणाम कैसा रहा? हमने उन्हें अपनी ओर से यातना देकर सबको विनष्ट कर दिया।