तफ़सीर अल-मुख़्तसर
لَأُعَذِّبَنَّهُۥ عَذَابًا شَدِيدًا أَوْ لَأَا۟ذْبَحَنَّهُۥٓ أَوْ لَيَأْتِيَنِّى بِسُلْطَـٰنٍ مُّبِينٍ ﴿٢١﴾
जब उनके लिए उसकी अनुपस्थिति स्पष्ट हो गई, तो उन्होंने कहा : मैं उसे अनुपस्थित रहने की कड़ी सज़ा दूँगा अथवा उसे ज़बह कर डालूँगा, या फिर वह मेरे पास एक स्पष्ट तर्क लेकर आए, जो उसके अनुपस्थित होने के कारण को बयान करे।