×

الشعراء

आयत 80

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

وَإِذَا مَرِضْتُ فَهُوَ يَشْفِينِ ﴿٨٠﴾

और जब मैं बीमार होता हूँ, तो वही अकेला मुझे बीमारी से अच्छा करता है, उसके सिवा कोई मुझे स्वास्थ्य देने वाला नहीं है।