तफ़सीर अल-मुख़्तसर
قَالُوا۟ بَلْ وَجَدْنَآ ءَابَآءَنَا كَذَٰلِكَ يَفْعَلُونَ ﴿٧٤﴾
उन्होंने उत्तर दिया : यदि हम इन मूर्तियों को पुकारते हैं, तो वे हमारी पुकार नहीं सुनतीं, और यदि हम उनकी आज्ञा मानते हैं, तो वे हमें लाभ नहीं पहुँचातीं, और यदि हम उनकी अवज्ञा करते हैं, तो वे हमें हानि नहीं पहुँचातीं। बल्कि, असल बात यह है कि हमने अपने बाप-दादा को ऐसा ही करते हुए पाया है, इसलिए हम उनका अनुकरण करते हैं।