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الشعراء

आयत 204

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

أَفَبِعَذَابِنَا يَسْتَعْجِلُونَ ﴿٢٠٤﴾

तो क्या ये काफिर लोग हमारी यातना के लिए जल्दी मचा रहे हैं, यह कहते हुए कि : हम तुझपर कदापि ईमान नहीं लाएँगे, जब तक तू अपने दावे के अनुसार हमपर आसमान का कोई टुकड़ा न गिरा दे।