तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَمَآ أَنتَ إِلَّا بَشَرٌ مِّثْلُنَا وَإِن نَّظُنُّكَ لَمِنَ ٱلْكَـٰذِبِينَ ﴿١٨٦﴾
तथा तू तो हमारे ही जैसा एक साधारण इनसान है। इसलिए तुझे हमपर कोइ श्रेष्ठता प्राप्त नहीं है। फिर तू रसूल कैसे हो सकता है? और तू जो यह रसूल होने का दावा कर रहा है, इसमें हम तुझे झूठा समझते हैं।