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الشعراء

आयत 156

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

وَلَا تَمَسُّوهَا بِسُوٓءٍ فَيَأْخُذَكُمْ عَذَابُ يَوْمٍ عَظِيمٍ ﴿١٥٦﴾

तथा तुम इसे हानि पहुँचाने जैसे कि हत्या करने या मारने-पीटने की नीयत से हाथ न लगाना, अन्यथा इसके कारण तुम्हें अल्लाह की ओर से ऐसी यातना आ पकड़ेगी जो तुम्हें नष्ट कर देगी एक ऐसे दिन में, जो उसमें तुमपर उतरने वाली विपत्ति के कारण बहुत भयानक होगा।