तफ़सीर अल-मुख़्तसर
ٱلَّذِينَ يُفْسِدُونَ فِى ٱلْأَرْضِ وَلَا يُصْلِحُونَ ﴿١٥٢﴾
जो पाप फैलाकर धरती में बिगाड़ पैदा करते हैं और अल्लाह का आज्ञापालन करके अपने आपको सुधारने का काम नहीं करते हैं।
तफ़सीर अल-मुख़्तसर
ٱلَّذِينَ يُفْسِدُونَ فِى ٱلْأَرْضِ وَلَا يُصْلِحُونَ ﴿١٥٢﴾