×
الشعراء
आयत 130
तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَإِذَا بَطَشْتُم بَطَشْتُمْ جَبَّارِينَ ﴿١٣٠﴾
और जब तुम क़त्ल करने अथवा मारने के लिए किसी पर हमला करते हो, तो निर्दय और बे-रहम होकर हमला करते हो।
पिछली आयत
अगली आयत