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الشعراء

आयत 128

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

أَتَبْنُونَ بِكُلِّ رِيعٍ ءَايَةً تَعْبَثُونَ ﴿١٢٨﴾

क्या तुम प्रत्येक ऊँचे स्थान पर व्यर्थ में स्मारक भवन का निर्माण करते हो, जबकि उसका इस दुनिया या आख़िरत में तुम्हें कोई फ़ायदा नहीं होता?!