तफ़सीर अल-मुख़्तसर
يُضَـٰعَفْ لَهُ ٱلْعَذَابُ يَوْمَ ٱلْقِيَـٰمَةِ وَيَخْلُدْ فِيهِۦ مُهَانًا ﴿٦٩﴾
क़ियामत के दिन उसकी यातना दुगनी कर दी जाएगी और वह उस यातना में अपमानित और तिरस्कृत होकर सदा बना रहेगा।
तफ़सीर अल-मुख़्तसर
يُضَـٰعَفْ لَهُ ٱلْعَذَابُ يَوْمَ ٱلْقِيَـٰمَةِ وَيَخْلُدْ فِيهِۦ مُهَانًا ﴿٦٩﴾