तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَهُوَ ٱلَّذِى جَعَلَ ٱلَّيْلَ وَٱلنَّهَارَ خِلْفَةً لِّمَنْ أَرَادَ أَن يَذَّكَّرَ أَوْ أَرَادَ شُكُورًا ﴿٦٢﴾
और अल्लाह ही है, जिसने रात और दिन को एक-दूसरे के आगे-पीछे आने वाला बना दिया, उस व्यक्ति के लिए जो अल्लाह की आयतों से उपदेश ग्रहण करना चाहे ताकि उसे मार्गदर्शन प्राप्त हो, अथवा अल्लाह का उसकी नेमतों पर शुक्र अदा करना चाहे।