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الفرقان

आयत 29

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

لَّقَدْ أَضَلَّنِى عَنِ ٱلذِّكْرِ بَعْدَ إِذْ جَآءَنِى ۗ وَكَانَ ٱلشَّيْطَـٰنُ لِلْإِنسَـٰنِ خَذُولًا ﴿٢٩﴾

निश्चय इस काफ़िर मित्र ने मुझे क़ुरआन से भटका दिया, जब कि वह रसूल के माध्यम से मेरे पास पहुँच चुका था। तथा शैतान मनुष्य को हमेशा छोड़ जाने वाला है। जब उसपर कोई मुसीबत आती है, तो उससे किनारा कर लेता है।