तफ़सीर अल-मुख़्तसर
ٱلْمُلْكُ يَوْمَئِذٍ ٱلْحَقُّ لِلرَّحْمَـٰنِ ۚ وَكَانَ يَوْمًا عَلَى ٱلْكَـٰفِرِينَ عَسِيرًا ﴿٢٦﴾
उस दिन वास्तविक राज्य एवं हक़ीक़ी बादशाहत केवल 'रहमान' की होगी और वह दिन काफ़िरों के लिए बड़ा कठिन होगा। जबकि ईमान वालों की स्थिति इसके विपरीत होगी। उनके लिए वह बहुत आसान होगा।