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النور

आयत 45

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

وَٱللَّهُ خَلَقَ كُلَّ دَآبَّةٍ مِّن مَّآءٍ ۖ فَمِنْهُم مَّن يَمْشِى عَلَىٰ بَطْنِهِۦ وَمِنْهُم مَّن يَمْشِى عَلَىٰ رِجْلَيْنِ وَمِنْهُم مَّن يَمْشِى عَلَىٰٓ أَرْبَعٍ ۚ يَخْلُقُ ٱللَّهُ مَا يَشَآءُ ۚ إِنَّ ٱللَّهَ عَلَىٰ كُلِّ شَىْءٍ قَدِيرٌ ﴿٤٥﴾

अल्लाह ने धरती पर चलने वाले प्रत्येक जीवधारी को वीर्य से पैदा किया। चुनाँचे उनमें से कुछ अपने पेट के बल रेंगकर चलते हैं, जैसे साँप, और उनमें से कुछ दो पैरों पर चलते हैं, जैसे मनुष्य और पक्षी, तथा उनमें से कुछ चार पैरों पर चलते हैं, जैसे मवेशी। अल्लाह उनमें से जो चाहे, पैदा करता है, जो उसने उल्लेख किया है और जो उसने उल्लेख नहीं किया है। निःसंदेह अल्लाह हर चीज़ पर सर्वशक्तिमान है, उसे कोई चीज़ विवश नहीं कर सकती।