तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَهُوَ ٱلَّذِى يُحْىِۦ وَيُمِيتُ وَلَهُ ٱخْتِلَـٰفُ ٱلَّيْلِ وَٱلنَّهَارِ ۚ أَفَلَا تَعْقِلُونَ ﴿٨٠﴾
वही अकेला सर्वशक्तिमान है, जो जीवन देता है, उसके सिवा कोई दूसरा जीवन देने वाला नहीं। वही अकेला मौत देता है, उसके सिवा कोई दूसरा मौत देने वाला नहीं। तथा उसी अकेले के अधिकार में अंधेरे और रोशनी, लंबाई और लघुता के एतिबार से रात और दिन के बदलने का आकलन करना है। तो क्या तुम उसकी शक्ति तथा पैदा करने और प्रबंध करने में उसकी एकता को नहीं समझते?