तफ़सीर अल-मुख़्तसर
فَذَرْهُمْ فِى غَمْرَتِهِمْ حَتَّىٰ حِينٍ ﴿٥٤﴾
अतः, (ऐ रसूल!) आप उन्हें, उनपर यातना के उतरने के समय तक, उसी अज्ञानता और भ्रांति की स्थिति में रहने दें, जिसमें वे पड़े हुए हैं।
तफ़सीर अल-मुख़्तसर
فَذَرْهُمْ فِى غَمْرَتِهِمْ حَتَّىٰ حِينٍ ﴿٥٤﴾