तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَإِن جَـٰدَلُوكَ فَقُلِ ٱللَّهُ أَعْلَمُ بِمَا تَعْمَلُونَ ﴿٦٨﴾
और यदि वे तर्क स्पष्ट हो जाने के बाद भी आपके साथ बहस करने से बाज़ न आएँ, तो धमकी के तौर पर यह कहते हुए उनके मामले को अल्लाह के हवाले कर दें कि : तुम जो कुछ कर रहे हो, उससे अल्लाह अच्छी तरह अवगत है। तुम्हारे कामों में से कुछ भी उससे छिपा नहीं है और वह तुम्हें उनका बदला देगा।