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الحج

आयत 62

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

ذَٰلِكَ بِأَنَّ ٱللَّهَ هُوَ ٱلْحَقُّ وَأَنَّ مَا يَدْعُونَ مِن دُونِهِۦ هُوَ ٱلْبَـٰطِلُ وَأَنَّ ٱللَّهَ هُوَ ٱلْعَلِىُّ ٱلْكَبِيرُ ﴿٦٢﴾

रात को दिन में दाखिल करने और दिन को रात में दाखिल करने का यह क्रम इसलिए है, क्योंकि अल्लाह ही सत्य है, उसका धर्म सत्य है, उसका वादा सत्य है और उसका ईमान वालों की मदद करना सत्य है, और यह कि मुश्रिक लोग जिन मूर्तियों की अल्लाह को छोड़कर पूजा करते हैं, वे झूठी और निराधार हैं, और यह कि अल्लाह ही अपनी मख़्लूक़ से व्यक्तित्व, सम्मान और शक्ति की दृष्टि से बहुत ऊँचा है, जो बहुत महान है, जिसके लिए बड़ाई, महानता और प्रताप है।