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الحج

आयत 53

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

لِّيَجْعَلَ مَا يُلْقِى ٱلشَّيْطَـٰنُ فِتْنَةً لِّلَّذِينَ فِى قُلُوبِهِم مَّرَضٌ وَٱلْقَاسِيَةِ قُلُوبُهُمْ ۗ وَإِنَّ ٱلظَّـٰلِمِينَ لَفِى شِقَاقٍۭ بَعِيدٍ ﴿٥٣﴾

शैतान नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के पढ़ने के समय कुछ बातें डालकर संदेह पैदा करता है, ताकि अल्लाह शैतान जो कुछ संशय डालता है उसे मुनाफ़िक़ों के लिए और उन मुश्रिकों के लिए जिनके दिल सख़्त हैं, एक परीक्षण बना दे। तथा मुनाफ़िक़ों और मुश्रिकों में से अत्याचारी लोग, अल्लाह और उसके रसूल की दुश्मनी में पड़े हुए हैं तथा सत्य एवं हिदायत से दूर हैं।