तफ़सीर अल-मुख़्तसर
هَـٰذَانِ خَصْمَانِ ٱخْتَصَمُوا۟ فِى رَبِّهِمْ ۖ فَٱلَّذِينَ كَفَرُوا۟ قُطِّعَتْ لَهُمْ ثِيَابٌ مِّن نَّارٍ يُصَبُّ مِن فَوْقِ رُءُوسِهِمُ ٱلْحَمِيمُ ﴿١٩﴾
ये दो समूह हैं, जो अपने पालनहार के बारे में इस बात पर झगड़ने वाले हैं कि उनमें से कौन सत्य पर है : एक समूह ईमान वालों का और एक समूह काफ़िरों का है। काफ़िरों के समूह को आग उसी तरह घेर लेगी, जिस तरह वस्त्र, उसके पहनने वाले को घेर लेता है, और उनके सिरों पर अत्यंत गर्म पानी उंडेला जाएगा।