तफ़सीर अल-मुख़्तसर
فَٱسْتَجَبْنَا لَهُۥ فَكَشَفْنَا مَا بِهِۦ مِن ضُرٍّ ۖ وَءَاتَيْنَـٰهُ أَهْلَهُۥ وَمِثْلَهُم مَّعَهُمْ رَحْمَةً مِّنْ عِندِنَا وَذِكْرَىٰ لِلْعَـٰبِدِينَ ﴿٨٤﴾
तो हमने उनकी दुआ स्वीकार कर ली और उन्हें जो भी कष्ट पहुँचा था, उनसे दूर कर दिया और उन्हें उनके बिछड़े हुए परिजन और बच्चे प्रदान कर दिए और उनके साथ उनके बराबर और भी दिए। यह सब कुछ हमने अपनी ओर से दया के रूप में और हर उस व्यक्ति की याद-दहानी के लिए किया, जो इबादत के साथ अल्लाह का आज्ञापालन करने वाला है, ताकि वह भी अय्यूब अलैहिस्सलाम की तरह सब्र करे।