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الأنبياء

आयत 35

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

كُلُّ نَفْسٍ ذَآئِقَةُ ٱلْمَوْتِ ۗ وَنَبْلُوكُم بِٱلشَّرِّ وَٱلْخَيْرِ فِتْنَةً ۖ وَإِلَيْنَا تُرْجَعُونَ ﴿٣٥﴾

प्रत्येक प्राणी को, चाहे मोमिन हो या काफ़िर, इस दुनिया में मौत का स्वाद चखना है। और (ऐ लोगो!) हम दुनिया के जीवन में शरई कर्तव्यों का पाबंद बनाकर तथा नेमतों और विपत्तियों से ग्रस्त कर तुम्हारी आज़माइश करते हैं। फिर तुम अपनी मौत के बाद केवल हमारी ही ओर लौटाए जाओगे। फिर हम तुम्हें तुम्हारे कार्यों का बदला देंगे।