तफ़सीर अल-मुख़्तसर
يَعْلَمُ مَا بَيْنَ أَيْدِيهِمْ وَمَا خَلْفَهُمْ وَلَا يَشْفَعُونَ إِلَّا لِمَنِ ٱرْتَضَىٰ وَهُم مِّنْ خَشْيَتِهِۦ مُشْفِقُونَ ﴿٢٨﴾
वह उनके अगले और पिछले कर्मों को जानता है। वे (क़ियामत के दिन) उसकी अनुमति ही से केवल उसके हक़ में सिफ़ारिश करेंगे, जिसके लिए सिफ़ारिश को वह पसंद करेगा। तथा वे अल्लाह के भय से सहमे हुए रहते हैं। चुनाँचे किसी आदेश या निषेध में उसका विरोध नहीं करते।