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الأنبياء
आयत 20
तफ़सीर अल-मुख़्तसर
يُسَبِّحُونَ ٱلَّيْلَ وَٱلنَّهَارَ لَا يَفْتُرُونَ ﴿٢٠﴾
वे हमेशा अल्लाह की पवित्रता का गान करते हैं। उससे उकताते नहीं हैं।
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