तफ़सीर अल-मुख़्तसर
لَا تَرْكُضُوا۟ وَٱرْجِعُوٓا۟ إِلَىٰ مَآ أُتْرِفْتُمْ فِيهِ وَمَسَـٰكِنِكُمْ لَعَلَّكُمْ تُسْـَٔلُونَ ﴿١٣﴾
तो उनसे उपहास के तौर पर कहा जाएगा : भागो नहीं, और अपने उन सुखों की ओर जिनका तुम आनंद ले रहे थे, और अपने घरों की ओर लौट चलो, ताकि तुमसे तुम्हारी दुनिया के बारे में कुछ पूछा जाए।