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طه
आयत 67
तफ़सीर अल-मुख़्तसर
فَأَوْجَسَ فِى نَفْسِهِۦ خِيفَةً مُّوسَىٰ ﴿٦٧﴾
तो मूसा को उनके इस कार्य से अपने दिल में भय का अनुभव हुआ।
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