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طه

आयत 43

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

ٱذْهَبَآ إِلَىٰ فِرْعَوْنَ إِنَّهُۥ طَغَىٰ ﴿٤٣﴾

तुम दोनों फ़िरऔन के पास जाओ, क्योंकि वह कुफ़्र और अल्लाह के ख़िलाफ़ विद्रोह में सीमा पार कर चुका है।