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طه
आयत 32
तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَأَشْرِكْهُ فِىٓ أَمْرِى ﴿٣٢﴾
तथा उसे ईश्वरीय संदेश पहुँचाने के कार्य में मेरा साझीदार बना दे।
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